ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਲਗ ਨਾ ਜਾਂਵਾ, ਤਾਂਹੀ ਸਭ ਤੋਂ ਦੂਰ ਹੋ ਗਿਆ।
और पागल इतनी है कि फिर से यकीन कर लेते हैं…!
शहर ज़ालिमों का है साहब, जरा संभल कर चलना,
आधी दुनियां पागल, आधी शायर बना रक्खी है…!
वरना मुस्कुराहट तो बस चेहरे की मजबूरी है।
ना मेरा यार अपना था, ना मेरा प्यार अपना था, काश ये दिल मान लेता ये सब सपना था…!!!
मगर आज भी तेरा नाम दिल से मिटा नहीं पाया।
मैं उसे हर गलत चीज से दूर रखना चाहता था,
बहुत उदास करती हैं मुझको निशानियाँ तेरी.
मत देखो मेरी आँखे में बिलकुल खाली हैं दोस्त,
एक चादर में लिपटे दो बदन.. एक तेरा हो, एक मेरा हो।
कि अब किसी और पर भरोसा करना मुश्किल Sad Shayari in Hindi हुआ।
इन ज़ख़्मों से, इन सवालों से बहुत दूर हो जाऊँ…
कम से कम उसकी सारी तमन्नाएं तो पूरी हो गई।